होलिका जलाओगे क्या?



मुझे नोचा है किसी ने,

कोई जलाने आया है,

सब हँस रहे मेरी हालत पे,

पर न कोई बचाने आया है,

समाज ने मुझे ही बदचलन कह दिया,

क्या तुम भी ये लांछन लगाओगे क्या?

बताओ न भैया होलिका जलाओगे क्या?


मुझे नोचा गया तुम नशे कर रहे,

मेरी हत्या हुई, तुम मजे कर रहे, 

हत्यारे शान से चलते, मैं जलाई जा रही,

अब मेरी राख से होली मनाओगे क्या?

बताओ न भैया होलिका जलाओगे क्या?


मेरा कसूर क्या था संवारा तो आपने था,

मेले में झुमके, सुनार से पायल दिलाया तो आपने था,

मैं तो खुद को भैया की दुलारी समझती थी,

मैं तो दुलारी थी आपकी अब  भी बताओगे क्या?

बताओ न भैया होलिका जलाओगे क्या?

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