अगर तू मौत भी है तो मुझे इश्क़ है तुमसे...
अगर तू मौत भी है तो मुझे इश्क है तुमसे..
कभी फिजाओ सी गुजरती हो,
कभी खुशबु संग बिखरती हो,
पहली नजर से अभी तक तुम,
नजर में हर रोज़ निखरती हो..
अब बताऊ भी इसे कैसे, छुपाऊ भी इसे कैसे
अगर तू मौत भी है तो मुझे इश्क़ है तुमसे.....
कभी बिखरी जुल्फों में देखा था..
उस खुबशुरत चाँद के टुकरे को,
नजरों में समा रख्खा था,
उस दिलबर के मुखरे को,
मगर उस वक्त फिसल के नज़ारे
महज पल भर में नजर से गुम हो बैठे
जिस पल रूबरू नाचीज़ से तुम हो बैठे
सुखी हलक से बात निकले भी तो अब कैसे
अगर तु मौत भी है तो, मुझे इश्क़ है तुमसे...
ये इम्तेहां नहीं है इन्तेजार की..
बस देर है हिम्मत-ए-इकरार की
मोहब्बत में आर की या पार की
मगर डरता है ये बेहाल-ए-दिल...
जग रुस्वाई न हो मेरे प्यार की
इस तरह रुकी है दिल में ये बात भी कबसे
अगर तू मौत भी है तो मुझे इश्क़ है तुमसे...।
-सौरभ कुमार
कभी फिजाओ सी गुजरती हो,
कभी खुशबु संग बिखरती हो,
पहली नजर से अभी तक तुम,
नजर में हर रोज़ निखरती हो..
अब बताऊ भी इसे कैसे, छुपाऊ भी इसे कैसे
अगर तू मौत भी है तो मुझे इश्क़ है तुमसे.....
कभी बिखरी जुल्फों में देखा था..
उस खुबशुरत चाँद के टुकरे को,
नजरों में समा रख्खा था,
उस दिलबर के मुखरे को,
मगर उस वक्त फिसल के नज़ारे
महज पल भर में नजर से गुम हो बैठे
जिस पल रूबरू नाचीज़ से तुम हो बैठे
सुखी हलक से बात निकले भी तो अब कैसे
अगर तु मौत भी है तो, मुझे इश्क़ है तुमसे...
ये इम्तेहां नहीं है इन्तेजार की..
बस देर है हिम्मत-ए-इकरार की
मोहब्बत में आर की या पार की
मगर डरता है ये बेहाल-ए-दिल...
जग रुस्वाई न हो मेरे प्यार की
इस तरह रुकी है दिल में ये बात भी कबसे
अगर तू मौत भी है तो मुझे इश्क़ है तुमसे...।
-सौरभ कुमार

Very good
ReplyDeleteWah wah kya bat hai saurav bhaiya ek dm perfect dil chu gya
ReplyDeleteosm
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